gayatrimantrahindi September 29, 2018

Gayatri Mantra

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवी- तुवरण्यम
भर- ्गो देवसयाह धीमही
धियो यो न: प्रचोदयात्

गायत्री मंत्र के प्रत्येक शब्द की व्याख्या (Gayatri Mantra Meaning by words in Hindi)


ॐ = प्रणव
भूर = मनुष्य को प्राण प्रदाण करने वाला
भुवः = दुख़ों का नाश करने वाला
स्वः = सुख़ प्रदाण करने वाला
तत = वह
सवितुर = सूर्य की भांति उज्जवल
वरेण- ्यं = सबसे उत्तम
भर्गो- = कर्मों का उद्धार करने वाला
देवस्य- = प्रभु
धीमहि- = आत्म चिंतन के योग्य (ध्यान)
धियो = बुद्धि
यो = जो
नः = हमारी
प्रचो- दयात् = हमें शक्ति दें (प्रार्थना)

गायत्री मंत्र संक्षेप में

गायत्री मंत्र (वेद ग्रंथ की माता) को हिन्दू धर्म में सबसे उत्तम मंत्र माना जाता है. यह मंत्र हमें ज्ञान प्रदान करता है. इस मंत्र का मतलब है – हे प्रभु, क्रिपा करके हमारी बुद्धि को उजाला प्रदान कीजिये और हमें धर्म का सही रास्ता दिखाईये. यह मंत्र सूर्य देवता (सवितुर) के लिये प्रार्थना रूप से भी माना जाता है.

प्रत्येक समय या काल में कोई न कोई गृह अनिष्टकारक रहता है | और उसके अनिष्टता के प्रभाव को को करने के लिए याचक को कोई न कोई उपाय कारण पडता है | अत: जो ग्रह अनिष्ट करता हो या जो ग्रह अनिष्टकारी हो उसके निमित्त उसी ग्रह के गायत्री मंत्र की 108 (एक सौ आठ) माला जपे व दशांश हवन करे | ऐसा करने से शांति मिलेगी व वह ग्रह आपको दुष्परिणाम के बजाय सुपरिणाम देगा | और इन मन्त्रों के प्रभाव से ग्रह दोष अगर हो तो उसका भी निवारण होता है |

Gayatri Manatra in Hindi with Important

https://youtu.be/eoLtkoF0zfs

 

हे प्रभु! आप हमारे जीवन के दाता हैं, 
आप हमारे दुख़ और दर्द का 
निवारण करने वाले हैं ।
आप हमें सुख़ और शांति 
प्रदान करने वाले हैं ।
हे संसार के विधाता, 
हमें शक्ति दो कि हम, 
आपकी उज्जवल शक्ति प्राप्त कर सकें ।
क्रिपा करके हमारी बुद्धि को
सही रास्ता दिखायें |